Shayari Sangrah

Saturday, May 27, 2017

न वो आ सके न हम कभी जा सके,
न दर्द दिल का किसी को सुना सके,
बस बैठे है यादों में उनकी,
न उन्होंने याद किया और न हम उनको भुला सके !!

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हम सिमटते गए उनमें और वो हमें भुलाते गए, हम मरते गए उनकी बेरुखी से, और वो हमें आजमाते गए, सोचा की मेरी बेपनाह मोहब्बत देखकर सीख लेंगी वफाएँ करना, पर हम रोते गए और वो हमें खुशी खुशी रुलाते गए..!

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